जब बचपन मे दोसत के साथ की हुई मस्तियाँ याद आती है
क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार नहीं आता।
दोस्ती हमारी तो खुद ही एक बड़ी शहज़ादी है।
तभी तो चारों तरफ हमारी दोस्ती का शोर है..!
“जब दिल टूटता है, तब दोस्ती संभाल लेती है।”
मेरे हाथ की नब्ज़ देखकर हाकिम ने कर बोला
कभी जिसको दिल से चाहा था, अब वो दूर हो जाता।
मैं हर दिन यही सोचता हूँ – “तू ही है मेरा यार!”
वरना दोस्ती भी मोहब्बत से कम नहीं Dosti Shayari होती
हमारी दोस्ती में जितना प्यार है, उतनी शरारतें भी हैं,
न थी दुश्मनी किसी से, तेरी दोस्ती से पहले
कभी मुझसे लड़ते हो, कभी मुझे शरारतें सिखाते हो,
हमारी दोस्ती अब सिर्फ एक याद है, बस एक ख्वाब सा।
फिर एंड में बोलेगा – कुछ नहीं हो सकता तेरा।